ग्वालियर। जिला कोर्ट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कोर्ट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए हैं कि पति द्वारा लगाए गए आरोपों पर सभी दस्तावेजों और बयानों के आधार पर नए सिरे से विचार कर सुनवाई की जाए, याचिकाकर्ता पति का आरोप है कि शादी से पहले ही उसकी पत्नी गर्भवती थी और यह बात उससे छुपाई गई, बाद में सास-ससुर की मदद से भ्रूण हत्या कराई गई, इसी मामले में पत्नी, सास और ससुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
अपर लोक अभियोजक धर्मेंद्र शर्मा के अनुसार उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी विशाल की शादी 12 नवंबर 2024 को ग्वालियर की युवती से हुई थी, शादी के करीब एक महीने बाद 11 दिसंबर 2024 को पत्नी की तबीयत बिगड़ी और जब दोनों डॉक्टर के पास पहुंचे तो मेडिकल जांच में खुलासा हुआ कि पत्नी गर्भवती है, इस जानकारी के सामने आने के बाद पत्नी ससुराल छोड़कर मायके चली गई थी, इसके बाद पति विशाल ने जनकगंज थाना पुलिस को शिकायत आवेदन दिया था।
जब पुलिस स्तर पर मामला दर्ज नहीं हुआ तो विशाल ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन 20 नवंबर 2025 को कोर्ट ने आवेदन निरस्त कर दिया, इसके बाद विशाल ने अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष पुनरीक्षण याचिका दायर की और मांग की कि उसकी पत्नी, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए, पति का आरोप है कि शादी के समय ही पत्नी गर्भवती थी लेकिन यह सच्चाई उससे छुपाई गई।
आरोप है कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पत्नी को दो माह से अधिक का गर्भ बताया गया था, इसके बाद पत्नी अपने मायके ग्वालियर चली गई और माता-पिता के साथ मिलकर किसी अज्ञात अस्पताल में जाकर गर्भपात करा लिया, पति की ओर से इसे भ्रूण हत्या बताते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की गई है, सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट को आदेश दिए हैं कि प्रस्तुत दस्तावेजों और बयानों के आधार पर मामले पर नए सिरे से विचार कर सुनवाई की जाए।

