अयोध्या. राज्य कर विभाग के उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे पर यू-टर्न लेते हुए उसे वापस ले लिया है, उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने बिना किसी दबाव के अपना त्यागपत्र वापस लिया है और फिलहाल वे अपने कार्यालय में मौजूद रहकर नियमित रूप से काम कर रहे हैं, उनका कहना है कि इस फैसले के पीछे किसी तरह की मजबूरी या दबाव नहीं है।
अपने भाई पर लगे आरोपों को लेकर प्रशांत कुमार सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनके भाई विश्वजीत सिंह मुख्तार अंसारी की मऊ गैंग के सक्रिय सदस्य रहे हैं और आर्थिक सलाहकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं, उनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, उन्होंने अपने माता-पिता के साथ मारपीट की है जिसकी एफआईआर दर्ज है, इसके अलावा एक निजी कंपनी के ब्रांच मैनेजर को जान से मारने की धमकी देने और जबरन वसूली जैसे मामलों में भी उनका नाम सामने आया है, प्रशांत ने साफ कहा कि उनका भाई एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है।
गौरतलब है कि 27 जनवरी को प्रशांत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था, उन्होंने अपनी पत्नी को फोन कर यह जानकारी दी थी और भावुक होकर कहा था कि वे अपमान सहन नहीं कर पाए, फोन पर बात करते हुए वे रो पड़े थे और कह रहे थे कि जिसका नमक खाते हैं उसका हक अदा करना चाहिए, दो बेटियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया था कि वे कई रातों से सो नहीं पाए थे और भारी मानसिक पीड़ा में थे, अब उसी इस्तीफे को वापस लेकर उन्होंने पूरे मामले में नया मोड़ दे दिया है।

