बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसामऊ स्थित आवासीय छात्रावास से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां कक्षा आठवीं में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा ने एक बच्ची को जन्म दिया, इस घटना के बाद हॉस्टल वार्डन और एएनएम की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि छात्रावास में रहने वाली बच्ची की हालत किसी को कैसे नहीं दिखाई दी।
यह आवासीय छात्रावास जिला शिक्षा केंद्र के अधीन संचालित होता है, जिला परियोजना समन्वयक जीपी बर्मन ने मामले में स्वीकार किया है कि वार्डन और एएनएम की लापरवाही सामने आई है, उनका कहना है कि पीड़ित छात्रा की तबीयत अक्सर खराब रहती थी और वह ज्यादातर समय अपने घर पर ही रह रही थी।
पुलिस को दिए बयान में सामने आया है कि पीड़ित छात्रा के उसी गांव के एक नाबालिग युवक से शारीरिक संबंध थे, महिला थाना प्रभारी किरण वरकड़े ने भी दूरभाष पर इस बात की पुष्टि की है।
फिलहाल साढ़े 13 साल की पीड़ित छात्रा और नवजात बच्ची दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है और दोनों को जिला चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।

