इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है, जिला कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद अनवर कादरी ने हाईकोर्ट का रुख किया था और अब उन्हें राहत मिल गई है, अनवर कादरी पर लव जिहाद और धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में केस दर्ज है और उन पर युवकों को इसके लिए फंडिंग और प्रेरित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक अनवर कादरी पर एक विशेष समुदाय के युवकों को पैसे देकर लव जिहाद को बढ़ावा देने और धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने का आरोप है, इस मामले के सामने आने के बाद शहर में भारी आक्रोश देखने को मिला था, लोगों ने प्रदर्शन किए और कहा कि इस तरह की गतिविधियों से शहर का सामाजिक सौहार्द बिगड़ा है और साम्प्रदायिक माहौल पर भी असर पड़ा है।
इस पूरे मामले को लेकर नागरिकों की शिकायत पर पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, बताया जा रहा है कि अनवर कादरी के खिलाफ पहले से ही जिले के अलग-अलग थानों में दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धमकी, लूट, आर्म्स एक्ट, हत्या और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं शामिल बताई जाती हैं, साथ ही धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत भी प्रकरण दर्ज हैं।
इसी बीच प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ी कार्रवाई की गई थी, इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने नगर निगम इंदौर के वार्ड क्रमांक 58 से अनवर कादरी को पार्षद पद से हटा दिया था और उन्हें पांच साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था, यह कार्रवाई मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 19 के तहत की गई थी, इस फैसले के लिए मेयर पुष्यमित्र भार्गव की ओर से भी मांग की गई थी।
फिलहाल हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अनवर कादरी को कानूनी राहत जरूर मिली है, लेकिन उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है, आने वाले दिनों में इस पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

