ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर नगर निगम परिषद की बैठक उस वक्त हंगामे की भेंट चढ़ गई जब बीजेपी पार्षदों ने कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार की विधानसभा क्षेत्र में जगह-जगह बनाए गए प्रवेश द्वारों को हटाने की मांग स्थगन प्रस्ताव के जरिए उठा दी, इस पर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली और कांग्रेस पार्षदों ने इस मांग का विरोध किया।
बैठक में नगर निगम द्वारा संचालित लाल टिपारा गौशाला के लिए राशि की स्वीकृति समेत दो स्थगन प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें मुरार की वैशाली नदी पर निगम द्वारा किए गए खर्च का विवरण और ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में बनाए गए प्रवेश द्वारों से ट्रैफिक प्रभावित होने का मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया, बीजेपी पार्षदों का कहना था कि इन प्रवेश द्वारों की वजह से आवागमन बाधित हो रहा है और इन्हें हटाया जाना चाहिए।
हंगामे के बीच सभापति मनोज तोमर ने नगर निगम आयुक्त से शहर में बनाए गए प्रवेश द्वारों की संख्या और उनके निर्माण की स्वीकृति से जुड़ी पूरी जानकारी तलब कर ली, निगम आयुक्त संघ प्रिय ने सदन को बताया कि ये निर्माण कार्य अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से कराए गए हैं और सभी जानकारियां एकत्र करने में समय लगेगा।
स्थिति को संभालते हुए सभापति ने निगम आयुक्त को रिपोर्ट पेश करने के लिए समय दिया और इसके बाद परिषद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई, वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद नगर निगम की बैठक में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और शोर-शराबे का माहौल बना रहा।

