शहडोल। शहडोल में रेत माफिया अब कानून की सीमाएं लांघ चुका है और हालात ऐसे बन गए हैं कि बिना वैध ठेके के पूरे जिले में अवैध रेत का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। स्थिति यह है कि खनिज विभाग के अफसर मौके पर मौजूद हों, उसके बावजूद रेत से लदे ट्रैक्टर उनके सामने से फरार हो जाते हैं और माफिया बेखौफ होकर अपने नेटवर्क को चला रहे हैं।
जिले में वैध रेत ठेका न होने का फायदा उठाकर माफिया अवैध उत्खनन और परिवहन को खुलेआम अंजाम दे रहे हैं, जिससे सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अफसरों की मौजूदगी में ट्रैक्टरों का भाग निकलना यह दिखाता है कि माफिया प्रशासन को खुली चुनौती दे रहा है।
ताजा मामला उस वक्त सामने आया जब खनिज निरीक्षक अभिषेक पटले अवैध रेत से लदे ट्रैक्टर पर कार्रवाई के लिए पहुंचे, लेकिन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर माफिया वाहन लेकर फरार हो गए। पीछा करने के दौरान बाइक सवार दो लोगों ने जानबूझकर रास्ता रोककर कार्रवाई में बाधा डाली, जिससे साफ हो गया कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है।
जांच में यह भी सामने आया है कि रेत माफिया खनिज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखता है और इसके लिए बाकायदा रेकी करने का तंत्र बनाया गया है। खनिज कार्यालय के आसपास गुप्तचर तैनात किए जाते हैं, जो हर मूवमेंट की जानकारी माफिया तक पहुंचाते हैं। हाल ही में खनिज अमले ने कार्यालय के सामने से एक युवक को पकड़ा, जिसके मोबाइल से विभागीय गतिविधियों की सूचनाएं भेजने के सबूत मिले, फिर भी जिले में अवैध रेत कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।
रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारियों पर हमले की कोशिशें भी हो चुकी हैं और पहले भी पटवारी व पुलिस एएसआई को कुचलकर मौत के घाट उतारने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खनिज निरीक्षक अभिषेक पटले का कहना है कि अवैध रेत से जुड़े लोग न केवल ट्रैक्टरों के साथ भागते हैं, बल्कि रेकी कर विभागीय अमले की हर गतिविधि पर नजर रखते हैं, बावजूद इसके खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर अवैध रेत कारोबार को रोकने का प्रयास कर रहा है।

