शहडोल। शहडोल जिले में भगवानदिन सिंह गोंड की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है और जैतपुर थाना क्षेत्र से जुड़े इस केस को लेकर परिजन और ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। कुएं में शव मिलने के बाद से ही परिजन इसे हादसा नहीं बल्कि साजिशन हत्या बता रहे हैं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और गेट के सामने धरने पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। मृतक की पत्नी भगवती सिंह गोंड ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि 2 जनवरी 2026 को भगवानदिन सिंह घर से धान की राशि लेने निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे और दो दिन बाद 3 जनवरी को गांव के पास स्थित एक कुएं में उनका शव संदिग्ध हालत में मिला।
शव बाहर निकलने के बाद शरीर पर चोट के निशान पाए गए, जिससे परिजनों का शक और गहरा गया कि यह मौत नहीं बल्कि हत्या है। परिजनों का आरोप है कि भगवानदिन सिंह को कुछ लोगों ने फोन कर बुलाया था और बाद में चार लाख रुपये लेकर मामला दबाने का दबाव भी बनाया गया, इसके बावजूद जैतपुर पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
बार-बार थाने के चक्कर लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरन परिजन और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। धरना दे रहे लोगों का साफ कहना है कि जब तक भगवानदिन सिंह की मौत की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश देकर जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया, लेकिन परिजन और ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। कलेक्ट्रेट गेट के सामने चल रहा यह धरना अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है और इस पूरे मामले ने जिले में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

