जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में ठगी और जालसाजी के मामलों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है और अलग-अलग थाना क्षेत्रों से सामने आए दो मामलों ने एक बार फिर सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मदनमहल इलाके में कलेक्टर का गनमैन बनकर एक व्यक्ति से 9 लाख रुपये ऐंठ लिए गए तो वहीं सिहोरा थाना क्षेत्र में निजी कंपनी के दो सीनियर मैनेजरों पर लोन वसूली के नाम पर 4 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा है।
मदनमहल थाना क्षेत्र निवासी तपन पाल से तीन जालसाजों ने खुद को कलेक्टर का गनमैन बताकर संपर्क किया और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों में सुधार कराने का भरोसा दिलाया। नामांतरण, सीमांकन और फेंसिंग जैसे काम जल्द कराने का झांसा देकर आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में कुल 9 लाख रुपये ले लिए। पीड़ित का कहना है कि न तो कोई काम हुआ और न ही पैसे वापस मिले, जिसके बाद ठगी का अहसास होते ही थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने अतुल गुप्ता, अमित तिवारी और संजय पटेल के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
दूसरी ओर सिहोरा थाना क्षेत्र में एक निजी फाइनेंस कंपनी की शिकायत पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां कंपनी के ही दो सीनियर मैनेजरों पर ग्राहकों से वसूली गई लोन की रकम बैंक में जमा न करने का आरोप लगा है। आरोप है कि आकाश रजक और रत्नेश तिवारी ने ग्राहकों से वसूली गई रकम अपने पास रख ली और कंपनी को गुमराह करते रहे। जब ग्राहकों के पास लोन बकाया के नोटिस पहुंचे तब इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और उनकी तलाश जारी है। एक तरफ सरकारी पद का झूठा रौब दिखाकर ठगी का मामला सामने आया है तो दूसरी तरफ निजी कंपनी के भीतर से ही भरोसे के साथ खेला गया फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है, जिसने शहर में बढ़ते अपराध और धोखाधड़ी की गंभीर तस्वीर पेश कर दी है।

