जबलपुर। मध्यप्रदेश में कथित माइनिंग घोटाले को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन, मेसर्स किसान मिनरल्स और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
याचिका में करीब 30 हजार करोड़ रुपये के माइनिंग घोटाले का आरोप लगाया गया है और छतरपुर जिले के मड़वा व सिलपतपुरा गांव में साल 2007 से अंधाधुंध खनन होने की बात कही गई है, जिसमें रॉयल्टी और विकास शुल्क का भुगतान किए बिना खनन किए जाने का दावा किया गया है।
मामले में 8 से 10 शेल कंपनियां बनाकर गड़बड़ियां करने का आरोप भी लगाया गया है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई है।
याचिका के मुताबिक मेसर्स किसान मिनरल्स द्वारा मड़वा और सिलपतपुरा क्षेत्र में खनन किया जा रहा है और कई बार जांच होने के बावजूद शासन को रॉयल्टी न चुकाने के आरोप लगाए गए हैं।
इसके साथ ही खनिज कारोबारी को एक ही दिन में कई विभागों से अनुमति मिलने पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिस पर कोर्ट ने जवाब मांगा है और पूरे मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की गई है।

