भोपाल। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित मंत्री विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सस्पेंस लगातार बना हुआ है और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के सवाल पर सरकार असमंजस की स्थिति में नजर आ रही है।
एसआईटी की रिपोर्ट में मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश की जा चुकी है, इसके बावजूद अब तक सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाई है, जिससे मामला और पेचीदा होता जा रहा है।
इस प्रकरण पर दिल्ली स्तर पर भी गहन मंथन हुआ, लेकिन वहां से भी कोई अंतिम फैसला निकलकर सामने नहीं आ सका है।
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को विजय शाह मामले की सुनवाई होनी है और उससे पहले सरकार को मुकदमा चलाने की अनुमति को लेकर निर्णय लेना जरूरी है, ऐसे में अब सरकार के पास सिर्फ तीन दिन का समय बचा है।
यह मामला तब गरमाया था जब मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने मई 2025 में महू में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशन सिंदूर में शामिल कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और उन्हें कथित तौर पर आतंकवादियों की बहन बताया था।
कर्नल सोफिया कुरैशी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मीडिया को ब्रीफ करने वाली प्रमुख अधिकारी रही थीं और उनके बारे में दिए गए बयान के बाद पूरे देश में विरोध की लहर उठी थी।
इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से भी तीखा पलटवार किया गया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे यह संकेत जाता है कि बीजेपी इस बयान से सहमत है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कार्रवाई होती तो माना जाता कि सरकार बयान से सहमत नहीं है, लेकिन अब समय मांगना सिर्फ बचाने का रास्ता तलाशने जैसा लग रहा है।

