इंदौर। शहर में युवक की आत्महत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है और इस बार वजह है वो 12 मिनट का आखिरी वीडियो, जो युवक ने मरने से ठीक पहले रिकॉर्ड किया था।
5 अप्रैल 2025 को इंडस्ट्री हाउस के पीछे 27 वर्षीय मनीष यादव ने आत्महत्या कर ली थी और मामला धीरे-धीरे ठंडा पड़ गया था।
अब 10 महीने बाद जब पुलिस ने जब्त मोबाइल परिजनों को लौटाया, तो उसी से यह वीडियो सामने आया, जिसने कई लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए।
परिजनों का कहना है कि वीडियो में मनीष ने नाम लेकर पूरी बात बताई है, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वीडियो में मनीष खुद को मानसिक रूप से टूटा हुआ बताता है और एक युवती से करीब दस साल पुराने रिश्ते का जिक्र करता है।
वह कहता है कि शादी के सपने दिखाए गए, लेकिन अचानक बातचीत बंद हो गई और युवती ने परिवार की पसंद से किसी और से रिश्ता तय कर लिया।
मनीष के मुताबिक उसे नजरअंदाज किया गया, ब्लॉक कर दिया गया और संपर्क करने पर कथित तौर पर धमकियां मिलीं।
वह रात में घर के आसपास अज्ञात लोगों के आने, डराने और फोन पर “मूव ऑन” कहकर बात खत्म करने का जिक्र करता है।
वीडियो में चाकू दिखाकर धमकाने का आरोप भी लगाया गया है।
वह कहता है कि युवती का माइंड वॉश किया गया और कुछ रिश्तेदारों के दखल से हालात बिगड़ते चले गए।
मनीष बार-बार दोहराता है कि वह टॉर्चर झेल रहा था, कई दिनों से सो नहीं पा रहा था और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था।
आखिर में वह माता-पिता से माफी मांगता है, दोस्तों को धन्यवाद देता है और भावुक होकर अपनी पीड़ा बयां करता है।
मां उमा यादव का कहना है कि उनका बेटा नाम लेकर गया है और जिन लोगों का जिक्र किया गया है उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
परिवार का आरोप है कि पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया और अब वे इंसाफ चाहते हैं।

