महिला से मारपीट मामले में कांग्रेस ने सरकार को घेरा, पीसी शर्मा बोले आरोपी को बताते कांग्रेसी, विजय शाह को पद से धोना पड़ेगा हाथ, निगम मंडल नियुक्ति और नकल पर भी सरकार पर निशाना

भोपाल। मध्यप्रदेश के सीधी में महिला से मारपीट के मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि बीजेपी सच को छिपाने के लिए आरोपी को जबरन कांग्रेसी बता रही है, इस पूरे मामले पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बीजेपी में अब नेता नहीं बल्कि गुंडे तैयार हो रहे हैं और खुलेआम एक महिला को डंडों से पीटा जा रहा है जबकि बीजेपी के कार्यकर्ता मारो मारो के नारे लगा रहे हैं।

पीसी शर्मा ने कहा कि लाडला भैया और लाडली बहन की बात करने वाली सरकार में ही महिलाओं का अपमान हो रहा है, मारपीट करने वाले लोग बीजेपी से जुड़े हैं और बाद में उन्हें कांग्रेस का बताकर गुमराह किया जा रहा है, उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों को तुरंत पार्टी से बाहर किया जाए और जेल भेजा जाए क्योंकि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

बोर्ड परीक्षा और नकल माफिया पर बोलते हुए पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सालों से नकल माफिया सक्रिय है और हर साल पेपर लीक होते हैं लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं होती, उन्होंने दावा किया कि ग्वालियर चंबल, विंध्य और निमाड़ क्षेत्र नकल माफिया के बड़े केंद्र बन चुके हैं और इस बार भी परीक्षाओं में सरकार की पोल खुलेगी जिससे छात्र छात्राओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

निगम मंडलों में नियुक्तियों को लेकर पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि पदों की बंदरबांट भ्रष्टाचार के लिए की जा रही है और बीजेपी में बिना लेनदेन के कुछ नहीं होता, जिला प्रभारी इसलिए बनाए गए हैं ताकि निगम मंडलों में होने वाले नुकसान को संभाला जा सके और अंदरूनी गुटबाजी इतनी बढ़ गई है कि पदों के लिए खींचतान और टकराव की स्थिति बन रही है।

विजय शाह के मामले पर पीसी शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें बड़ी उम्मीद है और मंत्री कई बार माफी मांग चुके हैं लेकिन अब नतीजा उनके पक्ष में नहीं आने वाला, उन्हें पद से हाथ धोना पड़ेगा और न्यायपालिका पर भरोसा है कि सही फैसला आएगा।

संघ प्रमुख के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पीसी शर्मा ने कहा कि एक तरफ बच्चों पर पढ़ाई का दबाव है और दूसरी तरफ जनसंख्या बढ़ाने की बातें की जा रही हैं जबकि बेरोजगारी चरम पर है और नौकरियां नहीं हैं, ऐसे में इस तरह की सोच समाज के लिए नुकसानदेह है।

बीएलओ से जुड़े मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही है, कहीं नाम जबरन कटवाए जा रहे हैं तो कहीं बढ़वाए जा रहे हैं, बीएलओ पर दबाव डाला जा रहा है और समय पर वेतन भी नहीं दिया जा रहा, उन्होंने इसे बीजेपी की साजिश बताते हुए कहा कि कर्मचारियों पर दोहरी मार डाली जा रही है।

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