बेहतर होता कि राज्यपाल… बजट सत्र में गवर्नर के अभिभाषण पर मायावती की प्रतिक्रिया, सरकार की नीतियों से लोग त्रस्त होने का दावा

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई और इस पर बसपा प्रमुख मायावती की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है, मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि विधानसभा का संयुक्त अधिवेशन संसदीय परंपरा के तहत राज्यपाल के संबोधन से शुरू हुआ लेकिन यह भाषण अगर प्रदेश के वास्तविक विकास और सर्वसमाज के उत्थान को ध्यान में रखते हुए ज्यादा व्यापक और उत्साहजनक होता तो बेहतर रहता।

मायावती ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में करोड़ों लोग सरकार की गलत नीतियों और कार्यकलापों से दुखी और परेशान हैं और गरीबी व बेरोजगारी के कारण उन्हें कई तरह की पारिवारिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, उन्होंने यह भी कहा कि इन सबके बीच लोगों को अपनी जान, माल और मजहब की सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंता सता रही है और राज्यपाल को सरकार का ध्यान इन गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित करना चाहिए था ताकि जनता के साथ-साथ विपक्ष को भी कुछ भरोसा मिल पाता।

बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि इन्हीं मुद्दों पर ठोस भरोसे के अभाव के कारण राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष की ओर से नारेबाजी और हंगामा देखने को मिला, उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्यपाल के संबोधन में भाजपा सरकार द्वारा किए गए जनहित और जनकल्याण से जुड़े बड़े-बड़े दावों, घोषणाओं और वादों को जमीन पर उतारने को लेकर ठोस विवरणों की कमी साफ नजर आई।

मायावती ने कहा कि इन कमियों को आगामी बजट भाषण में शामिल किया जाना चाहिए ताकि जनता की वास्तविक चिंताओं का समाधान नजर आए और सरकार के दावों पर भरोसा कायम हो सके।

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