ग्वालियर। अब तक आपने पति-पत्नी और वो के कई मामले सुने होंगे, लेकिन ग्वालियर से सामने आया यह मामला हर किसी को हैरान कर देने वाला है, जहां एक पीड़ित पति की पत्नी दूसरे पीड़ित महिला के पति के साथ भाग गई।
दोनों के बीच दोस्ती सोशल मीडिया के जरिए हुई और फिर मामला इस हद तक पहुंच गया कि दोनों अपने-अपने परिवार छोड़कर साथ रहने लगे।
ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे कल्याण सिंह और भारती सिहोते ने आवेदन देकर शिकायत की और अधिकारियों को पूरा मामला बताया, जिसे सुनकर अफसर भी चौंक गए।
कल्याण के आवेदन में लिखा गया कि उसकी पत्नी किरण राजू केवट के साथ रह रही है, वहीं भारती के आवेदन में बताया गया कि उसका पति राजू केवट उसे छोड़कर किरण नाम की महिला के साथ रह रहा है, जो कि कल्याण की पत्नी है।
पीड़ित पति कल्याण ने बताया कि उसकी शादी साल 2015 में हिंदू रीति-रिवाज से किरण के साथ हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं, दो बेटियां और एक बेटा।
कल्याण के मुताबिक कुछ समय से किरण का व्यवहार बदल गया था, वह घर के कामों में मन नहीं लगाती थी और परिवार वालों से भी ठीक से बात नहीं करती थी, जब उसने कारण पूछा तो किरण ने साफ कह दिया कि वह अब उसके साथ नहीं रहना चाहती और किसी और से शादी करना चाहती है।
कुछ ही समय बाद किरण को राजू केवट का फोन आया और वह घर का सामान और जेवर लेकर उसके साथ चली गई, जिसकी जानकारी कल्याण को उसकी मां ने दी, जब वह मजदूरी करने बाहर गया हुआ था।
कल्याण का आरोप है कि किरण बेटे को भी साथ ले गई और जब उसने राजू से संपर्क किया तो राजू ने बताया कि उसने किरण से शादी कर ली है, जबकि किरण का अभी तलाक नहीं हुआ है, जिससे यह शादी कानूनन गलत है।
कल्याण ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी सौंपी है, जिसमें उसकी पत्नी सुनार की दुकान पर गहने बेचती हुई नजर आ रही है और अब वह इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
वहीं पीड़ित महिला भारती ने बताया कि उसका राजू से प्रेम विवाह हुआ था और एक बच्चा भी है, लेकिन कुछ समय से राजू चोरी-छिपे फोन पर बातें करने लगा और विरोध करने पर झगड़ा और मारपीट करने लगा।
भारती के मुताबिक राजू कहता था कि वह किसी और से शादी करेगा और कुछ दिन बाद घर छोड़कर चला गया, जब उसने फोन किया तो किरण नाम की महिला ने उठाया और बताया कि राजू से उसकी शादी हो चुकी है।
पीड़िता का आरोप है कि उसने कई बार थाने में शिकायत की, लेकिन मामला उनके थाने का नहीं बताकर उसे टाल दिया गया, इसलिए वह एसपी ऑफिस तक गुहार लगाने पहुंची है।
इस पूरे मामले पर एसडीओपी मनीष यादव ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर संबंधित थानों में गुमशुदगी दर्ज की गई थी और जब दोनों को तलाश कर बयान लिए गए तो उन्होंने साथ रहने की इच्छा जताई।
पुलिस का कहना है कि यह घरेलू मामला है और सभी पक्षों को थाने बुलाकर आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

