उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट विधानसभा में पेश कर दिया है जिसे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में रखा और यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम और कुल मिलाकर दसवां बजट है। इस बार का बजट आकार 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये रखा गया है जो पिछले साल के मुकाबले करीब 80 हजार करोड़ रुपये ज्यादा है और यह बजट 2025–26 की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है जबकि पूंजीगत व्यय का हिस्सा 19.5 प्रतिशत बताया गया है।
इस बजट में सरकार ने निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी है साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों पर खास फोकस रखा गया है। महिलाओं और लड़कियों के लिए अलग प्रशिक्षण केंद्र खोलने की घोषणा की गई है, कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाने की योजना पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही गई है।
बजट में एक जनपद एक व्यंजन योजना के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी योजनाओं के लिए 225 करोड़ रुपये रखे गए हैं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए 3 हजार 822 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अतिरिक्त रनवे के निर्माण के लिए 750 करोड़ रुपये, एफडीआई को प्रोत्साहन देने के लिए 1 हजार करोड़ रुपये, सड़क निर्माण के लिए 34 हजार करोड़ रुपये और सड़क चौड़ीकरण के लिए 3700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सिंचाई के लिए 18 हजार करोड़ रुपये रखे गए हैं, नए शहरों के विकास के लिए 3500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे और नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 22 हजार 676 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर के बजट में 76 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है जबकि हथकरघा और वस्त्रोद्योग के लिए 5 हजार 41 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए 27 हजार 103 करोड़ रुपये, चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए 37 हजार 956 करोड़ रुपये और आयुष सेवाओं के लिए 2 हजार 867 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
सरकार ने अराजपत्रित श्रेणी के 83 हजार 122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, किसानों को मुफ्त बिजली देने, मजदूरों के लिए लेबर अड्डे बनाने और साइबर सिक्योरिटी के लिए बड़े प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की है। विश्व स्तरीय टेक्सटाइल पार्क की स्थापना, जॉब प्लेसमेंट केंद्र खोलने और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोतों के लिए दोगुने से अधिक बजट देने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
बजट में एआई मिशन में बड़े निवेश की तैयारी, जेवर को हाईटेक सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम, पांच नए रनवे बनाने का निर्णय, अयोध्या और फिरोजाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना और उत्तर प्रदेश को आईटी हब बनाने का रोडमैप भी शामिल है। इसके साथ ही गन्ना किसानों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है और प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 1023 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

