भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में किन्नर समाज के भीतर गद्दी को लेकर चल रहा विवाद अब और तेज हो गया है, इस पूरे मामले में राजस्थान से श्री महंत किन्नर अखाड़ा की धैर्यराज नंद गिरी की एंट्री हुई है और उन्होंने किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास पर किन्नरों के शोषण, ब्लैकमेलिंग और समाज को बदनाम करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
धैर्यराज नंद गिरी ने कहा कि भोपाल के किन्नरों ने उन्हें अजय दास की गतिविधियों के बारे में बताया है और उनके पास इससे जुड़े सबूत और कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद हैं, उन्होंने कहा कि अजय दास को शर्म आनी चाहिए और सनातन को बदनाम करने से बाज आना चाहिए, उन्होंने किन्नर काजल ठाकुर और मुस्कान मिर्जा का समर्थन करते हुए कहा कि किन्नर समाज को हमेशा सम्मान और प्यार मिलना चाहिए लेकिन अजय दास किन्नरों के बीच बैठकर ही इंदौर जैसे शहर को आतंकवादियों का अड्डा बताता है, जो बेहद निंदनीय है।
धैर्यराज नंद गिरी ने आरोप लगाया कि चंद पैसों के लिए किन्नर समाज को बदनाम किया जा रहा है और समाज को खतरे में धकेला जा रहा है, उन्होंने कहा कि किन्नरों की आड़ में ब्लैकमेलिंग कर उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं और उज्जैन के चंद्रावती इलाके में कुछ लोग किन्नर अखाड़े की रसीद दिखाकर गांव गांव घूमकर अवैध रूप से बड़ी रकम वसूल रहे हैं, उन्होंने दावा किया कि ऐसे मामलों से जुड़े पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं।
धैर्यराज नंद गिरी ने केंद्रीय एजेंसियों से पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि किन्नर समाज स्वतंत्र है और उसे किसी के डर या दबाव में नहीं रहना चाहिए, उन्होंने आरोप लगाया कि ऋषि अजय दास समाज के नाम पर गलत गतिविधियां कर रहे हैं और देश की सुरक्षा के लिहाज से भी ऐसे लोगों की जांच जरूरी है, वहीं भोपाल में इस पूरे विवाद के बाद किन्नर समाज के भीतर गद्दी को लेकर खींचतान और बयानबाजी तेज होती जा रही है।

