भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवीयता का परिचय दिया है। बिहार के व्यस्त चुनावी दौरे के बाद लौटते ही उन्होंने इंदौर की 17 वर्षीय संस्कृति वर्मा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बात की और उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने मुस्कुराती हुई संस्कृति को देखकर कहा — “तुम्हारे चेहरे की मुस्कान से तो हमारी दीपावली आज ही मन गई।”
डॉ. यादव ने संस्कृति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे और अपनी पढ़ाई जारी रखे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव सहायता करेगी। मुख्यमंत्री ने संस्कृति और उसके परिवार को धनतेरस और दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि अब कठिन समय बीत चुका है, आगे सिर्फ उजाला ही उजाला होगा।
संस्कृति ने मुख्यमंत्री से कहा कि वह अब पूरी तरह स्वस्थ है और पढ़-लिखकर चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती है। इस पर सीएम ने मुस्कुराते हुए कहा — “अगली बार जब इंदौर आऊँगा, तो तुमसे ज़रूर मिलूँगा।”
दरअसल, इंदौर की संगम नगर निवासी कक्षा 12वीं की छात्रा संस्कृति वर्मा 15 सितंबर को एक गंभीर सड़क दुर्घटना की शिकार हो गई थी। उसके शरीर पर गहरी चोटें आई थीं और हालत बेहद नाजुक थी। जैसे ही मुख्यमंत्री को इस घटना की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत कलेक्टर को निर्देश दिए कि संस्कृति को एयर एंबुलेंस से मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल भेजा जाए, ताकि उसे बेहतर इलाज मिल सके।
सरकार के खर्च पर संस्कृति को एयरलिफ्ट कर मुंबई ले जाया गया, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उसकी जटिल सर्जरी की। करीब 30 लाख रुपए के खर्च से उसका इलाज हुआ और अब वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है।
यह कहानी सिर्फ एक बेटी की नहीं, बल्कि उस मानवीय नेतृत्व की मिसाल है, जो हर नागरिक के जीवन में उम्मीद की किरण जगाने का काम करता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तत्परता ने एक बेटी के जीवन में फिर से मुस्कान लौटा दी — सच में, यह संवेदनशीलता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

