दतिया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के दतिया जिले में स्थित प्राचीन गुप्तेश्वर महादेव मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। बड़ौनी नगर परिषद क्षेत्र की पहाड़ी गुफा के भीतर स्वयंभू शिवलिंग के रूप में विराजमान भगवान शिव के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से यहां पहुंच रहे हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव यहां गुप्त रूप से निवास करते थे, इसी कारण उन्हें गुप्तेश्वर कहा जाता है। प्राकृतिक पहाड़ी गुफा के भीतर स्थित यह मंदिर अपनी रहस्यमयी विशेषताओं के लिए भी प्रसिद्ध है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां स्थापित शिवलिंग और उसके नीचे की पहाड़ी का आकार हर वर्ष बढ़ता है, जिसे भक्त महादेव का चमत्कार मानते हैं।
इस मंदिर की एक अनोखी परंपरा यह भी है कि यहां शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाया जाता है। मध्यप्रदेश में यह परंपरा बहुत कम स्थानों पर देखने को मिलती है, जैसे महाकालेश्वर मंदिर में। महाशिवरात्रि के दिन भक्त जल, दूध, बेलपत्र के साथ सिंदूर अर्पित कर भोलेनाथ की आराधना करते हैं और पूरे वातावरण में ‘हर हर महादेव’ के जयकारे गूंज उठते हैं।
दतिया जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी है। यहां श्रद्धालु दर्शन के साथ प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने भी पहुंचते हैं।
महाशिवरात्रि के अवसर पर स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पार्किंग से लेकर कतारबद्ध दर्शन व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस बल लगातार निगरानी में जुटे हैं ताकि पर्व शांति और सुव्यवस्था के साथ संपन्न हो सके।
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि गुप्तेश्वर महादेव आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां भोलेनाथ हर सच्चे भक्त की मनोकामना पूर्ण करते हैं। गुफा की अद्भुत शांति और शिवलिंग के बढ़ने की मान्यता इस स्थान को और भी दिव्य बना देती है। महाशिवरात्रि पर यहां उमड़ती भक्ति और उत्साह सच में देखते ही बनता है।

