उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था अपने चरम पर नजर आई। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में दोपहर 2 बजे तक लगभग ढाई लाख श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके थे। खास बात यह रही कि महाशिवरात्रि पर मंदिर के पट लगातार 44 घंटे तक खुले रहने की व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकें।
उज्जैन स्थित Shri Mahakaleshwar Temple में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर भक्त जब गर्भगृह के समीप पहुंचे तो भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। किसी की आंखों में आंसू थे तो किसी के चेहरे पर अपार संतोष। पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे हैं। सुगम और सुरक्षित दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है। उज्जैन कलेक्टर एवं मंदिर समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह और मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक द्वारा मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग का लगातार निरीक्षण किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
महाशिवरात्रि के इस विशेष अवसर पर भगवान महाकाल के मंदिर शिखर पर नई धर्म ध्वजा अर्पित की गई। ध्वजा पूजन की विधि श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी महाकालेश्वर मंदिर के महंत विनीत गिरी महाराज द्वारा संपन्न कराई गई। इसके बाद विधिवत रूप से नवीन ध्वजा शिखर पर स्थापित की गई।
प्रशासन की ओर से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। लगातार बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने का प्रयास जारी है। महाशिवरात्रि पर महाकाल नगरी उज्जैन एक बार फिर भक्ति, आस्था और श्रद्धा के विराट रूप का साक्षी बन रही है।

