इंदौर/धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद में एक बार फिर सुनवाई आगे बढ़ा दी गई है। बहुचर्चित इस मामले में आज जिला अदालत में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेश की जानी थी, लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते कार्यवाही नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को तय की गई है। बताया जा रहा है कि शिवपुरी में हुए हत्याकांड के विरोध में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विमुख हैं, जिसके कारण यह महत्वपूर्ण सुनवाई टल गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आज एएसआई की सर्वे रिपोर्ट जिला अदालत में पेश की जानी थी। डिजिटल फोटोग्राफी, दस्तावेज और सर्वे से जुड़े अन्य साक्ष्य भी अदालत के सामने रखे जाने थे, लेकिन सुनवाई स्थगित होने से पूरी प्रक्रिया आगे बढ़ गई। मामले को लेकर दोनों पक्षों में पहले से ही गहमागहमी बनी हुई है।
मुस्लिम पक्ष ने एएसआई के सर्वे पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि सर्वे के दौरान कुछ पत्थर की मूर्तियां पीछे के रास्ते से लाकर रखी गईं और उन्हें रिपोर्ट का हिस्सा बनाया गया। वहीं हिंदू पक्ष का कहना है कि Bhojshala में 24 घंटे पूजा की अनुमति दी जाए और नमाज पूरी तरह से बंद की जाए।
धार की भोजशाला का यह मामला धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक दावों से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील बना हुआ है। अब 18 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर दोनों पक्षों की नजरें टिकी हैं, जहां एएसआई रिपोर्ट को लेकर महत्वपूर्ण बहस होने की संभावना है।

