सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिला अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सिविल सर्जन के कक्ष से नारे लगाते हुए पत्रकारों की भीड़ बाहर निकली और अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गई। माहौल इतना गरमा गया कि कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में तनाव साफ महसूस किया जाने लगा।
बताया जा रहा है कि श्यामपुर तहसील के एक पत्रकार की पत्नी की सामान्य डिलीवरी के बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे देर रात करीब तीन बजे सीहोर जिला अस्पताल रेफर किया गया। पत्रकार अपनी पत्नी और नवजात को लेकर जैसे ही अस्पताल पहुंचे, ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और अस्पताल से बाहर जाने को कहा। आरोप है कि महिला को खींचते हुए अंदर ले जाया गया और मुंह की जांच के दौरान उसकी आवाज बंद हो गई और टांके भी टूट गए। हालत बिगड़ने पर महिला को बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पत्रकार सिविल सर्जन के कक्ष में शिकायत करने पहुंचे, लेकिन वहां भी विवाद बढ़ गया। आरोप है कि 8 से 10 नर्सें वहां पहुंच गईं और पत्रकारों से तीखी बहस और अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद नाराज पत्रकारों ने जोरदार नारेबाजी की और अस्पताल गेट पर धरने पर बैठ गए।
स्थिति को बिगड़ता देख मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही पत्रकारों ने धरना समाप्त किया। फिलहाल पूरे मामले ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोग कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

