भोपाल। राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी कलेश की संदिग्ध मौत का मामला अब और गहराता जा रहा है। पुलिस जांच में बड़ा खुलासा तब हुआ जब छात्रा के मोबाइल फोन से डिलीट किया गया डेटा रिकवर किया गया। रिकवरी के दौरान एक ऐसा मैसेज सामने आया जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। उस मैसेज में लिखा था, “MBBS, नीट से भी ज्यादा टफ।”
जानकारी के मुताबिक यह मैसेज रोशनी ने देर रात खुद को ही भेजा था और बाद में उसे डिलीट कर दिया था। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह पढ़ाई के दबाव से जुड़ा सुसाइड नोट जैसा संकेत था या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है। यह घटना 10 फरवरी की बताई जा रही है, जब अलीराजपुर जिले की रहने वाली 19 वर्षीय रोशनी का शव कोहेफिजा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी पीजी हॉस्टल के बाथरूम में मिला था।
प्रारंभिक जांच में बाथरूम से एसिड की एक खाली बोतल भी बरामद हुई थी, जिससे आत्महत्या की आशंका जताई गई। हालांकि कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। रोशनी ने पिछले साल अक्टूबर में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में दाखिला लिया था। रूममेट और पीजी इंचार्ज के अनुसार वह पढ़ाई के तनाव में रहती थीं, लेकिन परिवार इस एंगल पर पूरी तरह सहमत नहीं है।
पिता वंतर सिंह का कहना है कि उनकी बेटी ने कभी आत्महत्या जैसा कोई इशारा नहीं किया, बल्कि पढ़ाई पूरी करने की जिद जताई थी। उन्होंने सवाल उठाए हैं कि एसिड की बोतल वहां कैसे पहुंची, कपड़े खराब क्यों नहीं हुए और मौत की असली वजह क्या है। परिजनों ने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष और गहराई से जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है और सच्चाई सामने लाने की कोशिश जारी है।

