अथ श्री विधायक कथा: विधानसभा परिसर में गूंजा ‘कथा’ का स्वर, माननीय बोले अब हमारी भी सुनो

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों जारी है और सदन की गंभीर कार्यवाही के बीच हल्के-फुल्के हास-परिहास और नोकझोंक का एक दिलचस्प दृश्य सामने आया। विधानसभा परिसर में कुछ विधायकों ने कथावाचक बनने की इच्छा जता दी और राजनीतिक बयानबाजी के बीच ‘कथा’ का रंग भी चढ़ गया।

बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि वे कथा वाचक बनना चाहते हैं और समाज को अच्छी-अच्छी बातें बताना चाहते हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे राजनीतिक सेवा के साथ-साथ कथा भी करना चाहते हैं, लेकिन कोई उनसे कथा करवाता ही नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि वे खास तौर पर भ्रमित कांग्रेसियों को कथा सुनाना चाहते हैं और उन्हें सच्चाई बताना चाहते हैं।

वहीं कांग्रेस विधायक फुंदेलाल मार्को ने भी पलटवार करते हुए कहा कि वे भी कथा करना चाहते हैं, लेकिन उनकी कथा बीजेपी पर होगी। उन्होंने कहा कि कथा के माध्यम से वे बीजेपी की पोल-पट्टी खोलेंगे और बताएंगे कि सरकार क्या कर रही है। उनका कहना था कि अगर बीजेपी कथा कर सकती है तो कांग्रेस भी पीछे नहीं है।

इस पर बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने टिप्पणी की कि अच्छी बात है अगर कांग्रेसी कथा करना चाहते हैं, कथा तो होनी ही चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता है कांग्रेसियों को अब सनातन समझ में आने लगा है। वहीं कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया ने अलग राय रखते हुए कहा कि बाबाओं को राजनीति से दूर रहना चाहिए।

बजट सत्र की गंभीर बहसों के बीच ‘कथा’ को लेकर चली इस जुबानी जंग ने विधानसभा परिसर का माहौल कुछ देर के लिए हल्का जरूर कर दिया, लेकिन साथ ही यह भी दिखा दिया कि सियासत में बयान और व्यंग्य का सिलसिला कभी थमता नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *