भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 19 हजार 287 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। इस अनुपूरक बजट पर 23 फरवरी को करीब दो घंटे चर्चा प्रस्तावित है। बजट पेश होने से पहले जारी आर्थिक सर्वेक्षण आकलन ने राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर कई अहम संकेत दिए हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुमान के मुताबिक मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 69 हजार 50 रुपये रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1 लाख 54 हजार 124 रुपये आंका गया था। यानी प्रति व्यक्ति आय में साफ तौर पर उछाल देखने को मिल रहा है।
वहीं राज्य के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीएसडीपी में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया गया है। वर्ष 2025-26 के लिए जीएसडीपी का अनुमान लगभग 16 लाख 69 हजार 750 करोड़ रुपये लगाया गया है, जबकि पिछले वर्ष यह अनुमान करीब 15 लाख 2 हजार करोड़ रुपये था।
हालांकि राजकोषीय घाटे के आंकड़ों में भी बढ़ोतरी का अनुमान सामने आया है। राजकोषीय घाटा 4.15 प्रतिशत से बढ़कर 4.66 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है। राशि के रूप में यह घाटा 62 हजार 434 करोड़ रुपये से बढ़कर 78 हजार 902 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इन आंकड़ों ने जहां विकास दर को लेकर उम्मीदें बढ़ाई हैं, वहीं वित्तीय संतुलन को लेकर नई चुनौतियों की ओर भी इशारा किया है।

