भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 के दूसरे दिन सदन में कई मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिली। कार्यवाही को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया, लेकिन उससे पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रदीप पटेल को कथित मूसा गैंग की धमकी का मामला सदन में उठा, साथ ही भोपाल के गौ मांस कांड, वंदे मातरम और प्रदेश से लापता हो रही बच्चियों का मुद्दा भी गूंजता रहा।
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि जब सत्ताधारी दल का विधायक ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजिमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोरेक्स जैसे नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर विधायक को धमकी दी गई और सरकार को नशे के कारोबार पर सख्ती से ध्यान देना चाहिए।
वहीं कांग्रेस विधायक महेश परमार ने भोपाल में सामने आए गौ मांस प्रकरण को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया कि 26 टन गौ मांस कहां से आया और इसके पीछे किसकी अनुमति थी। उन्होंने कानून व्यवस्था और प्रशासनिक भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।
सदन में वंदे मातरम को लेकर भी बहस छिड़ गई। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार दीर्घकालिक सोच के साथ काम कर रही है और गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। इस दौरान वंदे मातरम के छंदों को लेकर भी सत्ता और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए।
मानवर से कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने प्रदेश में बच्चियों के लापता होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि साल 2021 से अब तक लाखों लड़कियां गायब हुई हैं और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
अब सबकी नजरें बुधवार पर टिकी हैं, जब उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य का पहला पूर्ण डिजिटल बजट पेश करेंगे। अनुमान है कि बजट लगभग 4.70 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12 प्रतिशत अधिक होगा। किसान, युवा, गरीब और महिलाओं पर विशेष फोकस रहने की संभावना है, साथ ही सिंचाई, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।

