खातेगांव(देवास)। मध्य प्रदेश की पवित्र नगरी नेमावर और हंडिया स्थित मां नर्मदा नदी के तट पर शराब और मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद अवैध गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। तीर्थ स्थलों की मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से जारी आदेश के बाद भी जमीनी स्तर पर सख्ती नजर नहीं आने की चर्चा तेज हो गई है।
21 जनवरी 2026 को धर्मस्व विभाग की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि इन दोनों धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की मदिरा और मांस का विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह निर्णय तीर्थ नगरी की पवित्रता और धार्मिक वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया था। आदेश सामने आने के बाद इसे सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से साझा किया गया।
हालांकि स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि प्रतिबंध के बावजूद कुछ स्थानों पर अवैध रूप से बिक्री जारी है और प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं, तो उनके पालन को सुनिश्चित करने के लिए सख्ती क्यों नहीं दिखाई दे रही। अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि वह इस मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और मां नर्मदा के पावन तट की गरिमा को कैसे कायम रखता है।


