मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक और चिटफंड कंपनी के फरार होने का मामला सामने आया है। एलजेसीसी नाम की कंपनी पर आरोप है कि उसने 300 से अधिक लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा करवाई और फिर दफ्तर बंद कर गायब हो गई। अब पीड़ित निवेशक अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए भटक रहे हैं और एक दर्जन से अधिक लोग शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे। इनमें कुछ एजेंट भी शामिल हैं, जो खुद भी ठगी का शिकार हो गए।
बताया जा रहा है कि यह कंपनी करीब पांच से छह साल पहले मुरैना आई थी और वनखंडी रोड स्थित वनखंडी महादेव मंदिर के पास अपना कार्यालय संचालित करती थी। लोगों को तीन साल में रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया, साथ ही एफडी पर मोटा ब्याज देने का झांसा भी दिया गया। शुरुआत में छह-छह महीने की एफडी कराकर समय पर ब्याज के साथ पैसा लौटाया गया, ताकि लोगों का भरोसा जीता जा सके। इसी भरोसे के दम पर सैकड़ों लोगों ने अपनी जमा पूंजी कंपनी में लगा दी।
निवेशकों को उम्मीद थी कि साल 2024 में उनकी रकम दोगुनी होकर वापस मिलेगी, लेकिन तय समय से पहले ही कंपनी दफ्तर बंद कर फरार हो गई। एजेंटों के मुताबिक कंपनी का मालिक समीर अग्रवाल बताया जाता है, जबकि मुरैना में संचालन रामकुमार शर्मा उर्फ राजू सफर करता था। कंपनी से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोग भी लापता बताए जा रहे हैं।
इस घोटाले में कई एजेंट भी बुरी तरह फंस गए हैं। काशीबाबा कॉलोनी निवासी एक प्राइवेट लाइनमैन पहले खुद निवेशक बने, फिर कमीशन के लालच में एजेंट बनकर दर्जनों लोगों के लाखों रुपये जमा करवाए। इसी तरह एक अन्य एजेंट ने करीब 100 लोगों के 90 लाख रुपये कंपनी में जमा कराए। अब हालात यह हैं कि जिन लोगों के पैसे डूबे हैं, वे एजेंटों से ही जवाब मांग रहे हैं और मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है। पूरे मामले में पुलिस से सख्त कार्रवाई और निवेशकों की रकम वापस दिलाने की मांग की जा रही है।

