MP Budget Kisan Kalyan Year 2026: मध्यप्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पेश करते हुए साल 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित कर दिया है। इस बार का बजट खास तौर पर अन्नदाताओं को समर्पित बताया जा रहा है, जिसमें किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाएं मजबूत करने और कृषि को लाभकारी बनाने पर विशेष फोकस रखा गया है।
एमपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बजट पेश करते हुए कहा कि प्रजा के सुख में ही राजा का सुख है और इस कृषि वर्ष में बजट पूरी तरह किसानों को समर्पित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बजट में केवल एक साल नहीं बल्कि तीन साल की योजना की झलक दिखाई देती है, जो विकसित मध्यप्रदेश की दिशा तय करेगी।
बजट में सबसे बड़ी घोषणा 3000 करोड़ रुपये की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप देने की है, जिससे सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और बिजली पर निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही सिंचाई परियोजनाओं के लिए 14 हजार 742 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि खेतों तक पानी पहुंच सके और उत्पादन बढ़े।
सरकार ने कृषक उन्नति योजना की भी घोषणा की है, जिसका उद्देश्य किसानों की आमदनी में स्थायी वृद्धि करना है। फसल बीमा योजना के लिए 1299 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है ताकि प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में किसानों को राहत मिल सके। किसान कल्याण योजना के लिए 5500 करोड़ रुपये और ब्याज मुक्त लोन योजना के लिए 720 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को बिना ब्याज के आर्थिक सहयोग मिल सके।
किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रदेश के किसान परिवारों को प्रतिवर्ष कुल 12 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा रही है। साथ ही जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र का पंजीकरण किया गया है।
सरकार का दावा है कि यह बजट केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर हाथ को काम और युवाओं को रोजगार देने के संकल्प के साथ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। कुल मिलाकर एमपी बजट 2026 में किसानों के लिए कई बड़ी सौगातें दी गई हैं, जिन पर अब सबकी नजरें टिकी हैं कि इनका लाभ जमीनी स्तर तक कैसे पहुंचेगा।

