उज्जैन। मंगलवार को कोचिंग संचालक पर हुए हमले का मामला दूसरे दिन और तूल पकड़ गया। घटना के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की कथित पुलिस पिटाई से हिंदूवादी संगठनों में भारी नाराजगी फैल गई और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। कोचिंग क्लासेस संघ, भारत विकास परिषद, सामाजिक संगठनों और केशव नगर के रहवासी सड़क पर उतर आए और एसपी कार्यालय का घेराव करते हुए चक्का जाम कर दिया।
दरअसल केशव नगर में हफ्ता मांगने के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। आरोप है कि आधा दर्जन लोगों ने कोचिंग संचालक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इंदौर रेफर करना पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरिफ और इमरान के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पीड़ित परिवार और संबंधित संगठन आरोपियों के अवैध मकान और दुकानों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएं और इलाके में चल रही अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
इसी बीच कार्यकर्ताओं की पुलिस द्वारा पिटाई के आरोपों ने विवाद को और भड़का दिया। आक्रोशित संगठनों ने पुलिस कंट्रोल रूम का घेराव किया और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के दौरान चक्का जाम कर दिया गया, जिससे इलाके में यातायात भी प्रभावित हुआ।
बाद में एसपी प्रदीप शर्मा ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि जिन पुलिसकर्मियों पर मारपीट के आरोप हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और कोचिंग संचालक पर हमला करने वाले अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएं। साथ ही आरोपियों के अवैध निर्माण हटाने और अवैध रूप से रह रहे लोगों के बिजली-पानी कनेक्शन काटने की मांग को लेकर एसपी को ज्ञापन सौंपा गया।
फिलहाल पूरे मामले ने शहर का माहौल गरमा दिया है और सभी की नजरें अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

