इंदौर। इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में व्यवस्थाओं की एक बार फिर पोल खुलती नजर आ रही है। पहले चूहों की शिकायतें सामने आई थीं और अब अस्पताल परिसर में बिल्लियों की बेखौफ आवाजाही ने सवाल खड़े कर दिए हैं। रोज़ाना हजारों मरीज जहां इलाज के लिए पहुंचते हैं, उसी अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग, आपात कक्ष, शल्य कक्ष के आसपास और यहां तक कि भोजनालय में भी बिल्लियां खुलेआम घूमती दिखाई दे रही हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि मानव प्रतिरक्षा वायरस से संक्रमित मरीजों के संवेदनशील वार्ड में भी बिल्लियों की मौजूदगी देखी गई है। ऐसे वार्डों में संक्रमण से बचाव और साफ-सफाई के कड़े इंतजाम होने चाहिए, लेकिन हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। मरीजों और परिजनों का आरोप है कि कई बार दवाइयों के पत्ते फटे हुए मिले हैं और कुछ मामलों में जांच के लिए रखे नमूनों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई जा रही है। यदि यह सच है तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
अस्पताल के भोजनालय और ओपीडी क्षेत्र के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें बिल्लियां स्वतंत्र रूप से घूमती दिख रही हैं। करोड़ों रुपये के बजट वाले इस बड़े सरकारी अस्पताल में स्वच्छता और निगरानी व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीज यदि ऐसे माहौल में उपचार लेने को मजबूर हों, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा सवाल है।
अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन केवल सफाई के दावे करता है या फिर व्यवस्थाओं में सुधार और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी सुनिश्चित करता है, क्योंकि इंदौर जैसे शहर में इस तरह की लापरवाही चिंता का विषय बन चुकी है।

