योगी और मोहन भागवत की मुलाकात, 2027 की रणनीति पर मंथन, सियासी हलकों में तेज हुए कयास

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल उस वक्त तेज हो गई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के बीच अहम मुलाकात हुई। इस बैठक को लेकर 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस मुलाकात पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सियासी गलियारों में अटकलों का दौर जारी है।

यह मुलाकात लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में हुई, जहां दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और आगामी चुनाव को लेकर बातचीत हुई। माना जा रहा है कि सरकार और संगठन के बीच तालमेल को और मजबूत करने पर चर्चा की गई। बूथ स्तर पर आरएसएस और बीजेपी के समन्वय को बढ़ाने पर भी सहमति बनने की बातें कही जा रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक बैठक में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के पीडीए फार्मूले पर भी मंथन हुआ। इस सामाजिक समीकरण को कैसे संतुलित या चुनौती दी जाए, इस पर रणनीतिक चर्चा होने की चर्चा है। सामाजिक समरसता, हिंदुत्व एजेंडे को मजबूती और दलित-पिछड़े वर्गों में संगठन की पकड़ मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श की बात सामने आ रही है।

इसके साथ ही सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने और संगठनात्मक ढांचे में संभावित बदलावों पर भी चर्चा की अटकलें हैं। फिलहाल इस मुलाकात ने 2027 की सियासी तैयारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है और आने वाले समय में इसके असर को लेकर सबकी नजरें टिकी हैं।

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