लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक और योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यनगरी गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी जा रही है और जिम्मेदार लोग चैन से बैठे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री गोरखपुर आते हैं तो क्या वे हालात की समीक्षा करते हैं या सिर्फ औपचारिकताएं निभाकर चले जाते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार जनता गोरखपुर में भी जवाब देगी और बताएगी कि चिराग तले अंधेरा कैसे होता है।
स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनका विभाग खुद उपेक्षा का शिकार है और आने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में उनसे विभाग छीने जाने की चर्चा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं की दुर्दशा स्वास्थ्य मंत्री की लापरवाही और कमीशनखोरी का नतीजा है। हालांकि उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि मंत्री के पास अधिकार कम और पैसों के बंटवारे की जिम्मेदारी ज्यादा है।
अखिलेश यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सिर्फ नेम प्लेट तक सीमित हैं और उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि सुना है मंत्री ने अपने मोबाइल में रिमाइंडर लगा रखा है जो उन्हें रोज याद दिलाता है कि वे स्वास्थ्य मंत्री हैं। अंत में उन्होंने इशारों में कहा कि जाने वालों के बारे में ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं, कम शब्दों में ही बात समझी जा सकती है।
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।

