भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में आज एक बार फिर जोरदार हंगामा देखने को मिला। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर उद्योग समूह के साथ सांठगांठ के आरोप लगाए, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “औकात में रहो।” इस बयान के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन में एक अन्य मुद्दे पर माफी मांगी, जिसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ। हालांकि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से सवाल किया कि लाड़ली बहना योजना में नई हितग्राहियों का पंजीयन क्यों बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान होने के बावजूद नई महिलाओं को योजना से वंचित किया जा रहा है और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
बाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सदन को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी बात रखी, लेकिन लोकतंत्र के इस देवालय का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण की सराहना करते हुए कहा कि इसमें मध्य प्रदेश के विकसित और आत्मनिर्भर भविष्य की झलक दिखाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर उद्योग, सिंचाई और विकास के मुद्दों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने रिकॉर्ड स्तर पर सिंचाई रकबा बढ़ाया है और इसे 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश अब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ी है, किसानों को एमएसपी और बोनस का लाभ मिला है और प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में बड़ा इजाफा हुआ है।
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने बीमारू राज्य की छवि को बदलकर निवेश और उद्योग का नया माहौल बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में लाखों एमएसएमई इकाइयां काम कर रही हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान, युवा और रोजगार के लिए समग्र योजना पर काम हो रहा है। बजट सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक ने सदन का माहौल पूरी तरह गर्माए रखा।

