जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा में हुई घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। विरोध में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया, थाने का घेराव किया और इस दौरान कुछ स्थानों पर दुकानों में तोड़फोड़ भी हुई। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद बाजार की दुकानों को एहतियातन बंद कर दिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
सिहोरा में पत्थरबाजी की घटना के विरोध में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम किया। कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते नजर आए। इससे पहले सिहोरा थाने का घेराव भी किया गया था, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया।
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि भीड़ फैसला नहीं करेगी, देश कानून से चलेगा। उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही। साथ ही शांति बनाए रखने की अपील भी की।
वहीं बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो भी उत्पात मचाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में विघ्न डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे।
जबलपुर विधायक अजय बिश्नोई ने कहा कि शांति व्यवस्था हर हाल में कायम रखी जाएगी। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दोनों पक्षों से बातचीत कर तनाव कम करने की कोशिश की जा रही है। एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच हो रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी या नहीं।
बताया जा रहा है कि सिहोरा ब्लॉक के आजाद चौक में गुरुवार देर रात किसी विवाद के बाद झगड़ा शुरू हुआ, जो मारपीट, मंदिर की ग्रिल तोड़े जाने और पथराव तक पहुंच गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। यह इलाका पहले से अतिसंवेदनशील माना जाता है, जहां दुर्गा मंदिर और मस्जिद आमने-सामने स्थित हैं। घटना के समय मंदिर में आरती और मस्जिद में नमाज लगभग एक ही समय पर चल रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और अब क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है।

