भोपाल। मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि अब प्रदेश में कुल 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 मतदाता दर्ज हैं। अंतिम सूची तैयार होने के बाद करीब 34 लाख मतदाता कम हो गए हैं।
उन्होंने बताया कि पहले कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 मतदाता दर्ज थे, जिनमें से 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 मतदाताओं से गणना पत्र प्राप्त हुए और पूरे डेटा को डिजिटल किया गया। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची में 5,39,81,065 मतदाताओं को शामिल किया गया है। इनमें 2 करोड़ 89 लाख 4 हजार 975 पुरुष मतदाता, 2 करोड़ 60 लाख 75 हजार 186 महिला मतदाता और 904 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
इस बीच उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यहां एसआईआर अभियान के दौरान कुल 33,256 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए। जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष भरत पोरवाल ने इस पर आपत्ति जताई और बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
मामले में अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी हस्तक्षेप किया है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर उज्जैन दक्षिण में कथित अनियमितताओं की सघन जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही भरत पोरवाल के आवेदन को भी पत्र के साथ संलग्न किया गया है।
भरत पोरवाल ने 21 फरवरी 2026 को प्रस्तावित अंतिम प्रकाशन पर रोक लगाने की भी अपील की थी। अब दिग्विजय सिंह के पत्र के बाद यह मामला और अधिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है और प्रदेश की राजनीति में मतदाता सूची को लेकर बहस तेज हो गई है।

