Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में बड़ी हलचल मच गई है। सीट बंटवारे को लेकर जारी असहमति अब खुलकर सामने आ गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी JMM ने आखिरकार महागठबंधन से दूरी बना ली है और घोषणा की है कि वह बिहार की छह सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। इनमें चकाई, धमदाहा, कटोरिया, पिरपैंती, मनीहारी और जमुई जैसी अहम सीटें शामिल हैं।
JMM के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि एनडीए ही नहीं, बल्कि महागठबंधन के भीतर भी विरोधाभास और कलह गहराती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार JMM के साथ विश्वासघात हुआ है, और अब पार्टी राज्य में गठबंधन की समीक्षा करेगी। उनके इस बयान के बाद साफ हो गया है कि महागठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा।
JMM के इस फैसले पर कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि JMM, कांग्रेस और RJD एक मजबूत गठबंधन के हिस्से हैं, इसलिए JMM की सीटों को लेकर की गई मांग बिल्कुल उचित थी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव गठबंधन के नेता हैं, और अब ज़रूरी है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और समाधान निकालें।
वहीं दूसरी ओर, जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन अब टूट की कगार पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में JMM के साथ अपमानजनक व्यवहार हुआ है, और अब समय आ गया है कि JMM न सिर्फ बिहार बल्कि झारखंड में भी RJD से नाता तोड़ दे।
महागठबंधन में इस फूट के बाद बिहार की सियासत में नई समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। JMM के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले ने जहां महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं NDA इसे अपने लिए राजनीतिक फायदा मानकर और भी सक्रिय होता नज़र आ रहा है।

