मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां नईगढ़ी थाना क्षेत्र के जिलहड़ी गांव में गौवंश के साथ की गई बर्बरता ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक मासूम बछड़े को रस्सी से बांधकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया, जिससे न सिर्फ कानून की धज्जियां उड़ाईं गईं बल्कि इंसानियत भी शर्मसार हो गई। इस घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
यह खौफनाक वारदात 27 जनवरी की रात की बताई जा रही है, जब स्कूल के पास स्थित एक बगीचे में अंधेरे का फायदा उठाकर दरिंदों ने बछड़े को रस्सी से जकड़ा और धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद भी आरोपियों की हैवानियत नहीं थमी और उन्होंने बछड़े के शरीर के टुकड़े कर मांस को बोरी में भर लिया और मौके से फरार हो गए।
सुबह जब ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया। बगीचे में बछड़े का सिर, सींग और पैर बिखरे पड़े थे, जो रात में हुई बर्बरता की गवाही दे रहे थे। इस दृश्य ने पूरे गांव को दहला दिया और लोगों में गुस्सा फूट पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही नईगढ़ी पुलिस एक्शन मोड में आ गई। फरियादी शिवम सिंह की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्धों के घरों पर दबिश दी। तलाशी के दौरान हीरा साकेत, मिठ्ठू साकेत और मझीले साकेत के घर से गौमांस बरामद किया गया, जिसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना के बाद जिलहड़ी गांव में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक बछड़े की हत्या नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक आस्था पर सीधा हमला है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 325, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है।

