लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया जब प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भरे सदन में हुए इस संवाद ने सभी का ध्यान खींच लिया।
चर्चा के दौरान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उन्होंने स्पीकर के विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कार्यों के लिए खुद पहल की, फोन किया और काम भी करवाया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि काम नहीं करवाना है तो पद पर बने रहने का क्या औचित्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के विकास कार्य करवाना सरकार और मंत्रियों की जिम्मेदारी है, इसे गिनाने की जरूरत नहीं होती।
इसी दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप को भी स्पीकर की नाराजगी का सामना करना पड़ा। स्पीकर के मना करने के बावजूद जब मंत्री बोलते रहे तो सतीश महाना ने सख्त लहजे में कहा कि बैठ जाइए, वरना माइक बंद करवा दूंगा। सदन में कुछ पल के लिए माहौल पूरी तरह गंभीर हो गया।
सतीश महाना को संसदीय मर्यादाओं के तहत सदन संचालन के लिए जाना जाता है और उनकी निष्पक्षता की विपक्ष से लेकर मीडिया तक में सराहना होती रही है। बजट सत्र के दौरान हुई इस घटना ने विधानसभा की कार्यवाही को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

