पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक देसी नुस्खा पूरे परिवार पर भारी पड़ गया। कहा जाता है कि बिना डॉक्टर की सलाह के किया गया इलाज कई बार जानलेवा साबित हो सकता है, और इस घटना ने एक बार फिर इस बात को सच साबित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक पन्ना की रहने वाली सावित्री बाई, जिनकी उम्र करीब 45 साल है, लंबे समय से हाथ-पैर और कमर के दर्द से परेशान थीं। दर्द से राहत पाने के लिए उन्होंने किसी की सलाह पर धतूरा और कुछ जड़ी-बूटियों का काढ़ा तैयार किया। सावित्री बाई ने न सिर्फ खुद यह काढ़ा पिया, बल्कि अपने बेटे शिवम और बेटी रेखा को भी पीने के लिए दे दिया।
काढ़ा पीते ही तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें तेज चक्कर आने लगे, बार-बार उल्टियां होने लगीं और धीरे-धीरे शरीर सुन्न पड़ने लगा। हालत बिगड़ती देख परिवार के लोगों ने तुरंत तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग का मामला बताया।
फिलहाल अस्पताल में तीनों का इलाज जारी है और समय पर इलाज मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना एक बड़ी सीख भी देती है कि बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी जड़ी-बूटी या देसी नुस्खे का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है।

