सिवनी। पेंच नेशनल पार्क की मशहूर लंगड़ी बाघिन अब सिर्फ सिवनी ही नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के नेशनल पार्कों की सबसे उम्रदराज बाघिन बन गई है और पूरी तरह जीवित है, जबकि कुछ सालों तक नजर न आने के कारण उसकी मौत की अफवाह उड़ चुकी थी। रिकॉर्ड और वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार जहां आमतौर पर बाघिन की औसत उम्र 12 से 14 साल मानी जाती है, वहीं पेंच की लंगड़ी बाघिन अब 18 साल की हो चुकी है और अपने पुराने क्षेत्र कर्माझिरी में फिर से दिखाई देने लगी है। अक्टूबर और दिसंबर माह में पर्यटकों को उसके दर्शन हुए हैं, जिसकी ताजा फोटो और वीडियो सामने आने के बाद उसके जिंदा होने के पुख्ता सबूत मिले हैं, जिससे पेंच प्रबंधन और पर्यटकों में खुशी की लहर है। वर्ष 2008 में पहली बार नजर आई इस बाघिन के सामने के पंजे की चाल अलग होने के कारण उसे लंगड़ी नाम दिया गया था और यह बाघिन पेंच की प्रसिद्ध कालर वाली बाघिन की सगी बहन बताई जाती है। कालर वाली बाघिन का जन्म 2005 में हुआ था और 2022 में 17 वर्ष की उम्र में उसकी मौत हो गई थी, जबकि 2008 में जन्मी लंगड़ी बाघिन 2026 में भी जीवित है और इस तरह उसने अपनी ही बहन का रिकॉर्ड तोड़ते हुए मध्यप्रदेश की सबसे अधिक उम्रदराज बाघिन होने का गौरव हासिल कर लिया है। पेंच नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह के अनुसार कुछ वर्षों तक दिखाई न देने से उसके मरने की अफवाह फैली थी, लेकिन अब साफ हो चुका है कि वह जीवित है, भले ही शारीरिक रूप से कमजोर हो चुकी हो, फिर भी जंगल में मजबूती से सर्वाइव कर रही है।

