भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी Rashtriya Swayamsevak Sangh में संगठनात्मक ढांचे को लेकर बड़ा बदलाव किया जा रहा है, जिसकी जानकारी मध्यभारत प्रांत के संघचालक Ashok Pandey ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि बदलती भौगोलिक और संगठनात्मक जरूरतों को देखते हुए अब प्रांत व्यवस्था को समाप्त कर संभाग स्तर पर कार्यकारिणी बनाई जाएगी। मध्यप्रदेश में पहले तीन प्रांत हुआ करते थे, लेकिन मार्च 2027 के बाद यह व्यवस्था खत्म होकर पूरे प्रदेश को 7 संभागों में बांटा जाएगा और वही संभाग संगठन का काम संभालेंगे।
नई व्यवस्था के तहत अब एक प्रदेश प्रचारक और एक प्रदेश कार्यवाह की जिम्मेदारी तय की जाएगी, जिससे कार्य संचालन और ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके।
संघ के विस्तार को लेकर उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष को विशेष रूप से विस्तार वर्ष के रूप में लिया गया है और तेजी से संगठन को घर-घर तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। शहरों में बस्ती स्तर पर और गांवों में मंडल स्तर पर संघ की गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि मध्यभारत प्रांत में वर्तमान में 2481 स्थानों पर 3842 शाखाएं संचालित हो रही हैं, जो संघ के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती हैं।
साथ ही यह भी बताया गया कि हिंदू सम्मेलनों में 52 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रही है और करीब 80 हजार स्वयंसेवकों ने 27 लाख से ज्यादा परिवारों से संपर्क कर संगठन को मजबूत करने का काम किया है।

