भोपाल आज एक बड़े आंदोलन का गवाह बनने जा रहा है, जहां मध्यप्रदेश के संविदा कर्मचारी अंबेडकर पार्क में एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए कर्मचारी सुबह 10 बजे से धरना-प्रदर्शन की शुरुआत करेंगे। यह पूरा आंदोलन संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले किया जा रहा है, और मंच का दावा है कि करीब ढाई लाख से ज्यादा कर्मचारी इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले हैं।
संविदा कर्मचारियों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों का एक विस्तृत पत्र तैयार किया है, जिसमें सबसे बड़ी मांग है—स्थायीकरण की। इसके साथ ही वेतन विसंगति दूर करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, पेंशन सुविधा देने और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख बातें शामिल हैं। संघ के प्रदेश संयोजक का कहना है कि लंबे समय से सरकार से बातचीत तो होती रही, लेकिन किसी ठोस निर्णय का इंतजार आज भी जारी है। इसी मजबूरी और लंबित मुद्दों को लेकर अब कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरने का फैसला लिया है।
अंबेडकर पार्क के आसपास पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि भीड़ और आंदोलन को व्यवस्थित रखा जा सके। लेकिन अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इस विशाल आंदोलन पर क्या रुख अपनाती है, क्या बातचीत की कोई पहल होगी, और क्या इन ढाई लाख संविदा कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान निकल पाएगा।

