इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 8455 करोड़ रुपए का मेगा बजट पेश किया है, जिसमें बिना कोई नया टैक्स लगाए विकास का बड़ा दावा किया गया है।
इस बजट में 8443 करोड़ रुपए खर्च का प्रावधान रखा गया है और इसे पूरी तरह डिजिटल बजट के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें आम जनता पर कोई अतिरिक्त टैक्स का बोझ नहीं डाला गया है।
नगर निगम का कहना है कि इस बार विकास कार्यों के लिए बड़े स्तर पर फंड रखा गया है और शहर को आगे बढ़ाने के लिए नागरिकों के सहयोग से मजबूत प्लानिंग की गई है।
स्वच्छता के मामले में इंदौर को देश में नंबर-1 बनाए रखने का लक्ष्य फिर दोहराया गया है, जिसके तहत वेस्ट मैनेजमेंट को और बेहतर बनाने, बायो-CNG प्लांट की क्षमता बढ़ाने और नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सड़कों, ड्रेनेज और पानी की लाइनों पर बड़ा निवेश किया गया है, साथ ही नए पुल-पुलिया और रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को भी तेजी से आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
डिजिटल इंदौर की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है, जिसमें हजारों घरों को डिजिटल पहचान देने, लाखों दस्तावेजों को ऑनलाइन करने और एक नया डिजिटल पोर्टल तैयार करने की योजना शामिल है।
पानी की बढ़ती जरूरत को देखते हुए नर्मदा परियोजना के विस्तार, नई टंकियों और पाइपलाइन के निर्माण पर जोर दिया गया है, ताकि आने वाले वर्षों में शहर की जरूरतें पूरी की जा सकें।
इसके साथ ही स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी सुविधाओं पर भी फोकस किया गया है, हर वार्ड में क्लीनिक, खेल मैदान, पार्क और सार्वजनिक सुविधाएं बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
कुल मिलाकर यह बजट विकास, स्वच्छता और डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने वाला बताया जा रहा है, अब देखना होगा कि ये योजनाएं जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से उतरती हैं।

