सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के ग्राम सरंडिया में आस्था और चमत्कार का अनोखा संगम देखने को मिला, जब श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा के दौरान अचानक एक कौवा वहां आ पहुंचा और देखते ही देखते माहौल बदल गया।
हिंदू मान्यता में कौवे को पितरों का रूप माना जाता है और पितृपक्ष में उनके लिए भोजन अर्पित कर आशीर्वाद मांगा जाता है, ऐसे में कथा सुनने आए सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच कौवे का पहुंचना लोगों के लिए किसी संकेत से कम नहीं था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कौवा भीड़ के बीच से गुजरता हुआ सीधे उस स्थान पर जा बैठा, जहां पूर्वजों की प्रतिमा और तस्वीरें रखी हुई थीं, मानो वह वहीं आकर ठहर गया हो।
यह दृश्य देखकर पंडाल में मौजूद लोगों में हलचल मच गई और कई श्रद्धालुओं ने इसे पितरों का प्रत्यक्ष आगमन मानते हुए कौवे के पास जाकर हाथ जोड़कर नमन किया और आशीर्वाद की कामना की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना कथा की पवित्रता और भक्ति की शक्ति का प्रतीक है, जिसने पूरे इलाके में आस्था की एक नई लहर जगा दी है।

