खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जिसने देखते ही देखते कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा कर दी। मामला इतना बढ़ गया कि शिकायत दर्ज कराने पहुंची भीड़ ने थाने के अंदर ही हंगामा कर दिया और पथराव तक कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 22 नामजद समेत कुल 47 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
यह पूरा मामला खंडवा के मोघट थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इंस्टाग्राम पर एक पोस्टर वायरल हुआ था, जिसे कुछ लोगों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। इसी पोस्ट को लेकर फरियादी मुजाहिद कुरैशी शिकायत दर्ज कराने मोघट थाने पहुंचा था।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया और भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 199 के तहत मामला दर्ज किया। जिस व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर यह पोस्ट डाली थी, उसे पुलिस ने राउंड-अप भी कर लिया।
लेकिन इसके बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई। फरियादी मुजाहिद कुरैशी के साथ बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंच गए और पुलिस पर कार्रवाई को लेकर दबाव बनाने लगे। देखते ही देखते माहौल गरम हो गया और कुछ लोगों ने थाने के परिसर में ही पथराव शुरू कर दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति को संभालने के लिए सिटी एसपी को खुद मौके पर पहुंचना पड़ा। तीन अलग-अलग थानों की पुलिस फोर्स बुलाकर हालात को काबू में किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और मामले की जांच जारी है।
एएसपी महेंद्र तारनेकर ने बताया कि पुलिस ने उपद्रव करने वाले लोगों की पहचान कर ली है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अगर कोई आपत्तिजनक पोस्ट दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
वहीं खंडवा के सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने बताया कि घटना के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति जरूर बनी थी, लेकिन प्रशासन ने समय रहते हालात को नियंत्रण में कर लिया। पुलिस ने कुछ उपद्रवी तत्वों को हिरासत में लिया है और इलाके में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से लगातार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। साथ ही लोगों से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि किसी भी अफवाह या भड़काऊ संदेश से माहौल खराब न हो।

