मध्यप्रदेश के गुना जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। बागेरी खाद वितरण केंद्र पर भारी अव्यवस्था के बीच दो दिनों से खाद लेने के लिए लाइन में खड़ी आदिवासी महिला भूरिया बाई की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बुधवार रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी… उल्टियां होने लगीं… और स्थिति गंभीर होते ही उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का कहना है कि भूरिया बाई पिछले दो दिनों से लगातार लाइन में खड़ी थीं। दिनभर इंतजार करने के बाद वे रात में भी वहीं रुकी रहीं… लेकिन इसी दौरान उनकी हालत खराब हो गई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। घटना की खबर मिलते ही कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत कुशेपुर गांव पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की।
प्रशासन ने परिवार को संबल योजना के तहत दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है, साथ ही रेडक्रॉस की ओर से भी मदद प्रदान की जाएगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भूरिया बाई की मौत शुगर लेवल अचानक बढ़ जाने से हुई… लेकिन यह सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर इतनी अव्यवस्थित वितरण प्रणाली के कारण लोगों को दो-दो दिन तक लाइन में क्यों खड़ा रहना पड़ रहा है।
यह घटना सिर्फ एक मौत नहीं… बल्कि व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।

