उज्जैन। चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी पर Ujjain में आस्था, परंपरा और अनोखी धार्मिक मान्यताओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां नगर पूजा के दौरान माता को मदिरा का भोग अर्पित किया गया, यह आयोजन Shri Panchayati Akhada Niranjani द्वारा भव्य रूप से किया गया, जिसकी शुरुआत 24 खंभा स्थित माता महामाया और महालया माता मंदिर में विशेष पूजन के साथ हुई, जहां संतों ने परंपरागत तरीके से माता को मदिरा का भोग लगाया
इसके बाद नगर पूजा यात्रा पूरे उत्साह और विधि-विधान के साथ निकाली गई, जो करीब 28 किलोमीटर लंबे मार्ग से होकर गुजरेगी, यात्रा के दौरान कोटवार हांडी में मदिरा की धारा लेकर चलते रहे और रास्ते में आने वाले प्रमुख मंदिरों में ध्वज, चोला और भोग अर्पित किया गया, पूरे मार्ग में भक्तों की भारी भीड़ और जयकारों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया
इस धार्मिक आयोजन में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष Mahant Ravindra Puri समेत कई संत-महंत और महामंडलेश्वर शामिल हुए, बैंड-बाजों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को और भव्य बना दिया
यात्रा के समापन पर अखाड़ा परिसर में कन्या पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया, महाअष्टमी के इस खास अवसर पर उज्जैन एक बार फिर आस्था और परंपरा के रंग में रंगा नजर आया

