मणिकर्णिका घाट पर बयानबाजी का घमासान, अखिलेश ने सरकार की दोहरी भाषा पर उठाए सवाल

वाराणसी. मणिकर्णिका घाट में चल रहे ध्वस्तीकरण और निर्माण कार्य को लेकर इन दिनों जबरदस्त विवाद छाया हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर काशीवासियों के बीच यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। इसी बीच शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेसवार्ता कर पूरे मामले पर सफाई दी और विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। अब इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए तीखा तंज कसा है।

अखिलेश यादव ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि एक तरफ़ ‘मुख्य’ कह रहे हैं कि कुछ भी नहीं हुआ है, वहीं दूसरी तरफ़ ‘अपर’ बिना आंख मिलाए गोलमोल और टालमटोल अंदाज में कह रहे हैं कि कुछ तो हुआ है। उन्होंने कहा कि झूठ की सबसे बड़ी समस्या यही होती है कि उसके दो रूप हो सकते हैं। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का शासन-प्रशासन पहले आपस में बैठकर यह तय कर ले कि सच छुपाने के लिए कौन सा झूठ बोलना है, वरना इस तरह की दो-बयानी से झूठ की कलई खुल जाती है और जनता के बीच सरकार की खिल्ली उड़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में शासन-प्रशासन को नजरें चुराकर बात करनी पड़ती है और बेहतर होगा कि झूठ बोलने के लिए भाजपा एक अलग व्हाट्सएप ग्रुप ही बना ले।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मणिकर्णिका घाट पर हो रहे निर्माण कार्य को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए प्रेसवार्ता की थी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस द्वारा AI जनरेटेड वीडियो बनाकर मंदिर तोड़े जाने का दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है, जबकि मणिकर्णिका घाट के सभी मंदिर अपने स्थान पर सुरक्षित मौजूद हैं। सीएम योगी ने कहा था कि दालमंडी में चल रहे विकास कार्यों को बाधित करने और देश को गुमराह करने के लिए इस तरह के फर्जी वीडियो फैलाए जा रहे हैं और काशी को बदनाम करने की साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए।

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