ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। स्टेशन यार्ड में गश्त के दौरान आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक मोहम्मद अहमद अपने सहयोगी आरक्षक मनीष शर्मा, चरण सिंह मीणा और महिला आरक्षक सुमन के साथ मौजूद थे, तभी उनकी नजर रेलवे ट्रैक पर बैठी एक महिला पर पड़ी, जो अपने डेढ़ साल के मासूम बच्चे को गोद में लेकर फूट-फूटकर रो रही थी। हालात की गंभीरता को समझते हुए आरपीएफ टीम तुरंत मौके पर पहुंची और महिला व बच्चे को सुरक्षित ट्रैक से हटाया।
पूछताछ में महिला ने अपना नाम संजू धाकड़ बताया और कहा कि वह बहोडापुर थाना क्षेत्र के शिव नगर सागर ताल रोड की रहने वाली है। महिला ने बताया कि ससुराल में लगातार हो रही प्रताड़ना से आहत होकर उसने अपने जीवन को समाप्त करने का फैसला कर लिया था। इसी कारण वह अपने डेढ़ साल के बेटे जयादित्य को लेकर ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने के इरादे से रेलवे ट्रैक पर बैठी थी।
आरपीएफ स्टाफ ने महिला को समझाइश दी और तत्काल उसके परिजनों को सूचना दी। कुछ ही देर में महिला का भाई रोहित धाकड़ और पति राहुल धाकड़ मौके पर पहुंचे, जिन्हें मां-बेटे को सुरक्षित सौंप दिया गया। महिला के भाई ने बताया कि संजू ने आत्महत्या का मैसेज भेजकर मोबाइल बंद कर लिया था, जिसके बाद पूरा परिवार उसे तलाशने में परेशान था।
आरपीएफ ने महिला और उसके परिवार को समझाया कि किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या समस्या का समाधान नहीं है और आपसी संवाद से हर समस्या का हल निकल सकता है। बाद में सभी लोग अपने घर लौट गए। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन डिग्निटी के तहत रेलवे सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों की रक्षा भी उनकी प्राथमिकता है और इससे पहले भी आरपीएफ ने कई लोगों की जान बचाकर मिसाल पेश की है।

