सागर। मध्य प्रदेश के सागर में रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक लॉज के कमरे में स्थानीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मोतीनगर थाना क्षेत्र निवासी मोंटी साहू के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और मृतक के छोटे भाई ने मोंटी की पत्नी और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतक के भाई का कहना है कि मोंटी की पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज एक्ट का मामला दर्ज कराया था, जिससे वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था। इसी प्रताड़ना और दबाव के चलते मोंटी ने आत्मघाती कदम उठा लिया। भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस की भूमिका भी इस पूरे मामले में संदिग्ध रही है और मोंटी की मौत के लिए वही जिम्मेदार हैं।
दरअसल, कुछ दिन पहले मोतीनगर थाने में एक युवती ने मोंटी साहू के खिलाफ छेड़छाड़ का आवेदन दिया था। इसी मामले में पुलिस ने मोंटी को थाने बुलाया था। परिजनों के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया, लेकिन इसके बाद मोंटी घर लौटने के बजाय कैंट थाना क्षेत्र स्थित एक होटल पहुंच गया, जहां उसने फांसी लगाकर जान दे दी।
परिजनों का आरोप है कि पूछताछ के नाम पर पुलिस ने मोंटी को प्रताड़ित किया, उसके कपड़े उतारकर मारपीट की गई और छोड़ने के बदले एक लाख रुपए की मांग की गई। गरीब परिवार ने जैसे-तैसे 50 हजार रुपए जुटाकर पुलिस को दिए, तब जाकर मोंटी को छोड़ा गया। परिवार का कहना है कि पत्नी से चल रहे कोर्ट केस और पुलिस के दबाव ने मोंटी को अंदर से तोड़ दिया था, जिसके चलते उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

